सनातन पंचांग — 8 अक्टूबर 2026
आज का नवीन भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक विचार
Arthur C. Brooks — Social Scientist, Happiness Expert, Author और Harvard Professor
“Gratitude helps us stop living in the shadow of the past and begin moving forward with greater happiness, meaning and peace.”
हिंदी अनुवाद: “कृतज्ञता हमें अतीत की छाया में जीने से रोकती है और अधिक आनंद, अर्थ तथा शांति के साथ आगे बढ़ना सिखाती है।”
अर्थ: कृतज्ञता केवल “धन्यवाद” कहना नहीं है; यह मन का ध्यान उस चीज़ पर वापस लाने का अभ्यास है जो जीवन में अभी भी अच्छी, मूल्यवान और अर्थपूर्ण है। इससे व्यक्ति कमी और शिकायत पर लगातार केंद्रित रहने के बजाय उपलब्ध जीवन को स्वीकार करना सीखता है।
मनोवैज्ञानिक व्याख्या: हालिया positive-psychology research में gratitude interventions को positive affect बढ़ाने और negative affect घटाने से जोड़ा गया है। सितंबर 2026 के एक randomized controlled study में brief gratitude-writing अभ्यास के बाद positive emotions बढ़ीं और negative emotions में भी अधिक कमी देखी गई।
भारतीय जीवन का उदाहरण: आर्थिक चिंता, पारिवारिक तनाव या किसी पुरानी निराशा के बीच रात को केवल तीन बातें याद करें—“आज मुझे भोजन मिला, किसी ने मेरा हाल पूछा, और मुझे एक नया दिन मिला।” यह समस्या को नकारना नहीं, बल्कि मन को संतुलित करना है।
सनातन आध्यात्मिक संदर्भ: भगवद्गीता का कर्मयोग हमें फल की चिंता में डूबने के बजाय अपने कर्तव्य पर केंद्रित रहने की दिशा देता है। कृतज्ञता इसी भाव को मजबूत करती है—जो मिला उसके लिए धन्यवाद, जो करना है उसके लिए पुरुषार्थ और जो परिणाम आए उसे शांत मन से स्वीकार करना।
समृद्धि का आध्यात्मिक अर्थ: वास्तविक prosperity केवल धन की वृद्धि नहीं; संतोष, स्वस्थ संबंध, विवेक, शांति और दूसरों के लिए उपयोगी बनने की क्षमता भी जीवन की समृद्धि है। कृतज्ञ मन कमी के बीच भी अवसर देख सकता है और उपलब्ध साधनों का बेहतर उपयोग कर सकता है।
आज के लिए उत्तम सलाह: आज रात सोने से पहले मोबाइल अलग रखें और कागज़ पर केवल तीन बातें लिखें—“आज मैं किसके लिए आभारी हूँ?”, “आज मैंने क्या सीखा?”, “कल मैं किस एक अच्छे कार्य को बेहतर करूँगा?” शिकायत से अधिक कृतज्ञता और चिंता से अधिक कर्म पर ध्यान दें।
आज का चिंतन: “यदि मैं अपनी कमियों के बजाय जीवन में मिली तीन अनमोल चीज़ों को सचमुच देखूँ, तो क्या मेरे भीतर अधिक शांति पैदा हो सकती है?”
आज का सनातन संदेश: “कृतज्ञता मन को अभाव से हटाकर उपलब्धि, शिकायत से हटाकर शांति और भय से हटाकर विश्वास की ओर ले जाती है।”
आज का संकल्प: “आज मैं जो मिला उसके लिए कृतज्ञ रहूँगा, जो करना है उसे पूरी निष्ठा से करूँगा और जो मेरे नियंत्रण में नहीं उसे शांत मन से स्वीकार करूँगा।”
आज का सूत्र: “कृतज्ञ मन में शांति, शांत मन में विवेक और विवेकपूर्ण कर्म में सच्ची समृद्धि।”
ॐ तत्सत्
🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌤️ दिनांक – 08 अक्टूबर 2026
🌤️ दिन – गुरूवार
🌤️ विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)
🌤️ शक संवत – 1948
🌤️ अयन – दक्षिणायन
🌤️ ऋतु – शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – त्रयोदशी रात्रि 10:15 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
🌤️ नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 09:20 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
🌤️ योग – शुक्ल रात्रि 12:58 तक तत्पश्चात ब्रह्म
🌤️राहुकाल – दोपहर 01:55 से शाम 03:23 तक
🌤️ सूर्योदय – 06:32
🌤️ सूर्यास्त – 06:19
👉 दिशाशूल – दक्षिण दिशा में
🚩व्रत पर्व विवरण – प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, त्रयोदशी का श्राद्ध
विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🚩~सनातन पंचांग ~🚩
🌷 चतुर्दशी तिथि पर न करें श्राद्ध 🌷
➡ 09 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को आग – दुर्घटना – अस्त्र – शस्त्र – अपमृत्यु से मृतक का श्राद्ध
🙏🏻 हिंदू धर्म के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में परिजनों की मृत्यु तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करने का विधान है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया है कि इस तिथि पर केवल उन परिजनों का ही श्राद्ध करना चाहिए, जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो।
💥 इस तिथि पर अकाल मृत्यु (हत्या, दुर्घटना, आत्महत्या आदि) से मरे पितरों का श्राद्ध करने का ही महत्व है। इस तिथि पर स्वाभाविक रूप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने से श्राद्ध करने वाले को अनेक प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उन परिजनों का श्राद्ध सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के दिन करना श्रेष्ठ रहता है।
🙏🏻 महाभारत के अनुसार पर्व अनुसार पितरों की मृत्यु स्वाभाविक रुप से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर करने से श्राद्धकर्ता विवादों में घिर जाता हैं। उन्हें शीघ्र ही लड़ाई में जाना पड़ता है। जवानी में उनके घर के सदस्यों की मृत्यु हो सकती है।
🙏🏻 चतुर्दशी श्राद्ध के संबंध में ऐसा वर्णन कूर्मपुराण में भी मिलता है कि चतुर्दशी को श्राद्ध करने से अयोग्य संतान होती है।
🙏🏻 याज्ञवल्क्यस्मृति के अनुसार, भी चतुर्दशी तिथि को श्राद्ध नहीं करना चाहिए। इस दिन श्राद्ध करने वाला विवादों में फस सकता है।
🙏🏻 चतुर्दशी तिथि पर अकाल (हत्या), आत्महत्या (दुर्घटना), रुप से मृत परिजनों का श्राद्ध करने का विधान है।
🙏🏻 जिन पितरों की अकाल मृत्यु हुई हो व उनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को करने से वे प्रसन्न होते हैं।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🌷 सर्व पितृ अमावस्या 🌷
➡ 10 अक्टूबर 2026 शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या है।
🙏🏻 जिन्होंने हमें पाला-पोसा, बड़ा किया, पढ़ाया-लिखाया, हममें भक्ति, ज्ञान एवं धर्म के संस्कारों का सिंचन किया उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण करके उन्हें तर्पण-श्राद्ध से प्रसन्न करने के दिन ही हैं श्राद्धपक्ष।
🙏🏻 जिस प्रकार चारागाह में सैंकड़ों गौओं में छिपी हुई अपनी माँ को बछड़ा ढूँढ लेता है उसी प्रकार श्राद्धकर्म में दिए गये पदार्थ को मंत्र वहाँ पर पहुँचा देता है जहाँ लक्षित जीव अवस्थित रहता है।
🙏🏻 पितरों के नाम, गोत्र और मंत्र श्राद्ध में दिये गये अन्न को उसके पास ले जाते हैं, चाहे वे सैंकड़ों योनियों में क्यों न गये हों। श्राद्ध के अन्नादि से उनकी तृप्ति होती है। परमेष्ठी ब्रह्मा ने इसी प्रकार के श्राद्ध की मर्यादा स्थिर की है।”
🙏🏻 सर्व पितृ अमावस्या को पितर भूमि पर आते हैं। उस दिन अवश्य श्राद्ध करना चहिये।
🙏🏻 उस दिन श्राद्ध नहीं करते हैं तो पितर नाराज होकर चले जाते हैं ।
🙏🏻 आप यदि उस दिन श्राद्ध करने में सक्षम् नही हैं तो उस दिन तांबे के लोटे में जल भरकर के भगवदगीता के सातवें अध्याय का पाठ करें और मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेव”एवं ” ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधा देव्यै स्वाहा” की 1-1 माला करके सूर्यनारायण भगवान को जल का अर्घ्य दें।
🙏🏻 और सूर्य भगवान को बगल ऊँची करके बोले की मैं अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ।
🙏🏻 वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करें। मैंने अपनी दोनों बाहें आकाश में उठा रखी हैं।और जिनका श्राद्ध किया जाये उन माता, पिता, पति, पत्नी, संबंधी आदि का स्मरण करके उन्हें याद दिलायें किः “आप देह नहीं हो। आपकी देह तो समाप्त हो चुकी है, किंतु आप विद्यमान हो।
🙏🏻 आप अगर आत्मा हो.. शाश्वत हो… चैतन्य हो। अपने शाश्वत स्वरूप को निहार कर हे पितृ आत्माओं ! आप भी परमात्ममय हो जाओ। हे पितरात्माओं ! हे पुण्यात्माओं !अपने परमात्म-स्वभाव का स्मऱण करके जन्म मृत्यु के चक्र से सदा-सदा के लिए मुक्त हो जाओ। हे पितृ आत्माओ!
🙏🏻 आपको हमारा प्रणाम है। हम भी नश्वर देह के मोह से सावधान होकर अपने शाश्वत् परमात्म-स्वभाव में जल्दी जागें…. परमात्मा एवं परमात्म-प्राप्त महापुरुषों के आशीर्वाद आप पर हम पर बरसते रहें…. ॐ….ॐ…..ॐ….” पितृपक्ष के विषय में शास्त्रों में बताया गया है कि इन दिनों मनुष्य को अपना आचरण शुद्ध और सात्विक रखना चाहिए। इसलिए भोजन में मांस-मछली, मदिरा और तामसिक पदार्थों से परहेज रखना चाहिए।
🙏🏻 क्योंकि आप जो भोजन करते हैं उनमें से एक अंश पितरों को भी प्राप्त होता है। इन दिनों मन और भावनाओं पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें और काम-वासना से बचें।
👉🏻 ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि जिनके पितर नाराज हो जाते हैं उनकी ग्रह दशा अच्छी भी हो तब भी उनके जीवन में हर पल परेशानी बनी रहती है।
👉🏻 श्राद्ध पक्ष में सयंम-नियम पालन करें, नहीं तो पितर देंगे शाप…
👉🏻 श्राद्ध पक्ष में गाय को गुड़ के साथ रोटी खिलाएं और कुत्ते, बिल्ली और कौओं को भी आहार दें। इससे पितरों का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा।
🚩 ~ सनातन पंचांग ~ 🚩
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🌷🙏🏻
जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 8 अक्टूबर

दिनांक 8 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 8, 17, 26
शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44
शुभ वर्ष : 2042
ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता
शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे।
व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे।
सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा।
🌹 आज का राशिफल 🌹
दिनांक : 08 अक्टूबर 2026
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन उतार चढ़ाव से भरा रहेगा मन मे बड़ी बड़ी योजनाए चलेंगी लेकिन परिस्थितियां इनको साकार रूप देने में बाधक बनेगी। साहस पराक्रम से भरे रहेंगे लेकिन जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे किसी अन्य व्यक्ति का सहयोग ना मिलने से पूरा नही कर पाएंगे। मध्यान के समय काल्पनिक दुनिया की सैर करेंगे ख्यालो में समय खराब करने से बेहतर कुछ ना कुछ कर्म करते रहे आने वाले दिन में स्थिति बदलने से अवश्य ही धन कमा सकेंगे अगर आज हाथ पर हाथ रख बैठे रहे तो कल का दिन भी आज की ही भांति व्यर्थ जाएगा। घर का माहौल छूट पुट बहस को छोड़ सामान्य बना रहेगा किसी आवश्यक कार्य को आज भी टालने पर परिजनों से बहस होगी। संचित कोष में कमी आएगी। धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे। स्वास्थ्य लगभग ठीक रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन अपने काम से काम रखना बेहतर रहेगा। दिन भर क्रोध और कलह के प्रसंग बनते रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी लोगो को आपका काम पसंद नही आएगा लोग अपना काम छोड़ आपके कार्य मे टांग अडायेंगे जिससे पहले से ही परेशान दिमाग और ज्यादा चिड़चिड़ा होगा। अधिकारी वर्ग भी बात-बात पर मीन मेख निकालेंगे। धन लाभ के लिये भी आज दिन विषम रहेगा छोटी मोटी आय बनाने के लिये भी तरसना पड़ेगा। घर मे भी आज किसी न किसी से कहा सुनी होगी महिलाए शकि मिजाज रहने पर बात बात में खोट देखेंगी बेतुकी बातो से बचे अन्यथा बाद में पछताना पड़ेगा। सेहत भी आज नरम-गर्म रहेगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपकी दिनचर्या पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर रहेगी। दिन के आरंभ में कार्यो के गलत दिशा लेने से गुस्सा आएगा लेकिन स्वतः ही ठीक हो जाएंगे। कई दिनों से जिस कार्य मे लगे है उसकी सफलता के नजदीक पहुचने से उत्साहित होंगे परन्तु आज पूर्ण सफलता संदिग्ध ही रहेगी निष्ठा से लगे रहे निकट भविष्य में धन और सम्मान दोनो मिलने वाले है। नौकरी पेशाओ पर अधिकारियों का भरोसा बढ़ने से अपनी अनैतिक मांगे मनवाने की तिकडम लगाएंगे परिस्थिति अनुसार इसमे आज नही तो कल सफलता मिल जाएगी। आज धन की आमद होते होते कई व्यवधान आएंगे फिर भी खर्च लायक मिल जाएगी। परिवार में मौसमी बीमारी के प्रकोप के कारण परिजन दैनिक कार्यो के लिये एक दूसरे पर आश्रित रहेंगे जिससे थोड़ी अव्यवस्था फैलेगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपके मन मे काफी उलझने रहेंगी कार्य क्षेत्र और घर मे तालमेल बैठाना प्राथमिकता रहेगी एक काम को करने पर दूसरे में विलंब होगा फिर भी मध्यान तक स्थिति को संभाल लेंगे। धन एवं व्यवसाय को लेकर मध्यान तक चिंतित रहेंगे बौखलाहट में कुछ उटपटांग हरकत करने से बचे अन्यथा बाद में स्वयं के लिये नई मुसीबत बढ़ाएंगे। संध्या के आस पास किसी की सहायता से जरूरत की पूर्ति हो जाएगी। घर के बुजुर्ग सामने से बुराई करेंगे जिससे संबंधों में कड़वाहट आ सकती है लेकिन आपके पीछे से आपकी बड़ाई ही करेंगे इसका ध्यान भी रखें। परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढाल लेने से स्त्री संतानों को लेकर आज जरूर संतोष होगा। यात्रा की योजना बनेगी आज की जगह कल करना बेहतर रहेगा। सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिये कामना पूर्ति वाला रहेगा। स्वयंजन एवं सहकर्मियों से विवेकी व्यवहार रखें अन्यथा इच्छाओं पर पानी फेरते समय नही लगाएंगे। व्यवसायी वर्ग को आज आकस्मिक धन मिलने की सम्भवना है लेकिन पहले दिमागी कसरत भी करनी पड़ेगी इससे घबराए ना धन और सम्मान दोनो मिलेंगे। नौकरी पेशाओ को भी आज अतिरिक्त आय बनाने के अवसर मिलेंगे लेकिन ज्यादा प्रलोभन में ना पढ़ें अन्यथा हानि के साथ किसी से कहा सुनी भी हो सकती है। सहकर्मियो का पूरा ख्याल रखेंगे आज आपसे प्रसन्न रहेंगे जिससे कार्य समय पर पूर्ण कर लेंगे। घर की स्थिति सुख दायक रहेगी परिजनों का स्नेह मिलने से थकान भूल जाएंगे। आरोग्य भी बना रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपको प्रत्येक कार्य मे सावधानी बरतें की आवश्यकता हैं। पूर्व में बनाई योजना अथवा गतिशील कार्यो में नुकसान होने की प्रबल संभावना है। आज पहले अधूरे कार्यो को पूर्ण करें उसके बाद ही नया कार्य आरंभ करें अन्यथा दोनो ही अधूरे रहने से लोगो की खरी-खोटी सुनने को मिलेगी साथ ही धन लाभ की कामना पर भी पानी फिर जाएगा। नौकरी पेशाओ को अतिरिक्त कार्य मिलने से बेमन से करने पर बड़ी गलती होने की संभावना है इसमे सुधार कर लेंगे पर अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ेगा। धन की आमद कम व्यर्थ के खर्च या हानि होने से आर्थिक संतुलन नही बन पाएगा। घर का माहौल आपके विपरीत व्यवहार से उदासीन बनेगा। सेहत भी कुछ विकार युक्त रहेगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन भी सामाजिक क्षेत्र से मान-सम्मान दिलायेगा। स्वभाव अनुसार आज भी क्रोध में रहेंगे लेकिन गुस्सा केवल कमजोरी पर ही उतरेगा। कार्य क्षेत्र पर आज व्यवसाय स्थिर रहेगा उधारी के व्यवहार अधिक परेशान करेंगे किसी से पैसे को लेकर कीच कीच भी होगी फिर भी मामला जल्द ही सुलझ जाएगा लेकिन धन की आमद के लिये संध्या तक इंतजार करना पड़ेगा फिर भी आशाजनक नही होगा। घर मे आपका कड़वा व्यवहार रहने से परिजन दूरी बना कर रखेंगे महिलाए भी व्यर्थ की बातों पर क्रोध कर घर का वातावरण खराब करेंगी। संतान घर का वातावरण शांत बनाने में सहयोग करेंगी। यात्रा के योग बन रहे है आज करना लाभदायक रहेगा लेकिन अधिक बोलने से बचे। शारीरिक कमजोरी बन सकती है।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन परिस्थितियां आपके लिये मार्ग बनाने वाली रहेंगी लेकिन स्वभाव में गरमी रहने से बनते कामो को स्वयं ही बिगाड़ेंगे। दिन के आरंभ में मन शांत रहेगा लेकिन मध्यान के समय किसी काम में विलंब होने से क्रोध आएगा सहकर्मी पर बिना बात बिगड़ना परेशानी में डाल सकता है धैर्य से काम करे तो कुछ ना कुछ धनलाभ अवश्य मिलेगा। जमीन जायदाद संबंधित कार्य आज करना शुभ रहेगा आकस्मिक लाभ के साथ भविष्य के लिये भी रोजगार मिलेगा। घरेलू वातावरण में नोकझोंक लगी रहेगी खास कर पिता का जिद्दी स्वभाव कामना पूर्ति में बाधा डालेगा। संध्या के समय दुविधा में रहेंगे किसी और कि गलती भोगने पर भाग्य को दोष देंगे। सेहत में भी गड़बड़ आने लगेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन सुख शांति दायक रहेगा दिन के पूर्वार्ध से ही मजाकिया व्यवहार से घर का वातावरण खुशनुमा बनाएंगे लेकिन बोलने में शब्दों का चयन ठीक ना होने से किसी से नाराजगी भी हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज परिश्रम अधिक करना पड़ेगा फिर भी उसके अनुकूल लाभ नही मिलने से थोड़ी निराशा होगी लेकिन विवेक भी रहने से आगे के लिये अधिक बेहतर करने का प्रयास करेंगे। आज की गई मेहनत खाली नही जाएगी आज नहीं तो कल अवश्य ही धन लाभ होगा। जोखिम वाले कार्यो में निवेश करने से ना डरे भविष्य में अधिक होकर ही मिलेगा। संध्या के समय मन अनैतिक कार्यो में भटकेगा व्यसन पर खर्च होगा। सेहत में भी रात्रि के समय कमी आएगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आप जान बूझ कर व्यर्थ के झंझट मोल लेंगे। दिन के पूर्वार्ध में ही कोई अप्रिय घटना घटने से या अशुभ समाचार मिलने से परेशान रहेंगे कार्य क्षेत्र पर मेहनत करने के बाद भी लाभ की उम्मीद नही दिखेगी उल्टे खर्च अनियंत्रित होने से जमा पूंजी में कमी आएगी। पुराने उधार को लेकर किसी से कहासुनी होने की संभावना है लेकिन आज भी उधार लेने की आवश्यकता पड़ेगी संभव हो तो आज टाले अन्यथा चुकाना भारी पड़ेगा। आज जल्दी से कोई सहायता करने के लिये तैयार नही होगा जिससे मन राग द्वेष से भरा रहेगा। घर के सदस्य कुछ मामलों में सहयोग करेंगे पर कही कही जिद पर अड़ने से कार्य हानि होगी। धन की आमद ना के बराबर रहेगी। मूत्र अथवा पेट संबंधित समस्या रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन आपको व्यवसाय से आर्थिक लाभ पाने के लिये बड़ी जोड़ तोड़ करनी पड़ेगी फिर भी आशाजनक ना होने से मन मे नकारत्मक भाव आएंगे। धन की कमी रहने पर भी आपकी जीवनशैली धनाढ्यों जैसी रहेगी सार्वजनिक क्षेत्र पर आडंबर युक्त दिनचर्या के कारण मान सम्मान मिलेगा। आज किसी दो पक्षो के झगड़े को सुलझाने के लिये मध्यस्थता करनी पड़ेगी इससे बचने का प्रयास करें अति आवश्यक होने पर पक्षपात से बचे अन्यथा बैठे बिठाये दुश्मनी होगी। मध्यान के समय कार्य क्षेत्र पर व्यवसाय मंदा रहेगा फिर भी किसी वादे के पूरे होने पर बैठे बिठाये धन लाभ हो जाएगा। घर मे सुख शांति रहेगी बड़े परिजन आपकी प्रसंशा करेंगे। स्वास्थ्य में कुछ नरमी रहेगी लेकिन अनदेखी करेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप प्रतिकूल परिस्थिति में भी स्वयं को शान्त रखने का प्रयास करेंगे लेकिन महात्त्वकांक्षाये आज बढ़ी हुई रहेंगी आवश्यकता पूर्ति आसानी से हो जाएगी लेकिन संतोष नही होगा ज्यादा पाने के चक्कर मे अनैतिक मार्ग भी अपना सकते है। कार्य क्षेत्र पर आपके विचार पल पल में बदलने से सहकर्मी गुस्से में रहेंगे धन की आमद कही न कही से अवश्य होगी परन्तु हाथ खुला रहने के कारण बचत करने में परेशानी आएगी। संध्या के समय सावधान रहे छोटी मजाक की बात अथवा आवश्यकता से अधिक बोलने पर किसी से झगड़ा होने की संभावना है। घर के सदस्य आज आपकी बातों पर जल्दी से यकीन नही करेंगे ठंड के कारण सेहत में नरमी बनेगी

Leave a Reply